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June 22, 2021
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पढ़िये…..मोटर मैकेनिक का एक अनोखा टैलेंट, बिना डरे कैसे पकड़ लेता है ज़हरीले साँप, हज़ारों ज़हरीले साँपों को पकड़ कर जंगलों में छोड़ चुका है अब तक।

सितारगंज: कारों का मोटर मैकेनिक जिसमें एक अनोखा टैलेंट मौजूद है जो ज़हरीले साँपों को पकड़ने का माहिर है। अब तक यह शख्स करीब दस हज़ार ज़हरीले साँपों को पकड़कर जंगल में छोड़ चुका है।

जी हाँ, यह कोई मनगढ़ंत कहानी नही है बल्कि सच्चाई है। अगर आपके सामने अचानक से साँप आ जाये तो आपके रोंगटे खड़े हो जायेंगें और आप डर के मारे वहाँ से भाग खड़े होंगे।

लेकिन उत्तराखंड के ज़िला उधम सिंह नगर की तहसील सितारगंज क्षेत्र में एक शख्स ऐसा भी है जिसे साँपों को देखकर बिल्कुल डर नही लगता और यह बिना डरे किसी भी ज़हरीले साँप को बड़ी आसानी से पकड़ लेता है। अभी हाल फिलहाल में यह शख्स क्षेत्र के बाघोरा स्थित गुलमोहर कॉलोनी से एक ज़हरीला कोबरा साँप और एक अन्य जगह से खतरनाक ज़हरीला रसेल वाइपर साँप भी पकड़ चुका है।

इस शख्स का नाम गुलफाम है जो पेशे से एक मोटर मैकेनिक है। अपने इस पेशे के साथ साथ यह शख्स साँपों को पकड़ने का अपना अनोखा शौक भी रखता है। साँप चाहें कितना भी ज़हरीला क्यों न हो, यह उसे बड़ी आसानी से पकड़ लेता है। गुलफाम के साँप पकड़ने की कला क्षेत्र में किसी से छिपी नही है। जब भी यदि किसी के घर में साँप निकल आता है तो लोग साँप पकड़ने गुलफाम को ही बुलाते हैं। यहाँ तक कि, वन विभाग भी इनकी सहायता से कई बार साँपों को पकड़वाकर जंगलों में छुड़वा चुका है। वहीं लोगों में हैरानी इस बात की भी है कि गुलफाम आखिर इतने ज़हरीले साँपों को वश में कर कैसे लेता है।

जब इस बारे में गुलफाम से जानकारी ली गई तो उसने बताया कि वह क्षेत्र में एक मोटर गैराज पर मैकेनिक का काम करके अपनी आजीविका चलाता है। उसे अपने गुरु से साँपों को पकड़ने की विद्या मिली हुई है जिसमें उसे महारथ हासिल है जिसकी मदद से वह समाज सेवा के रूप में साँप पकड़ने का कार्य भी कर रहा है। वह पिछले दस वर्षों से साँप पकड़ने का काम करता है और अब तक करीब दस हज़ार साँप पकड़ चुका है। उसने कहा कि वह साँपों को इसलिए पकड़ता है ताकि साँप किसी इंसान को हानि न पहुंचा सके और इंसानों द्वारा भी कोई साँप मारा न जा सके।

गुलफाम का कहना है कि उत्तराखंड में साँपों की अनेक प्रजातियां पायी जाती हैं जिनमें कोबरा, रसेल वाइपर, करैत, अज़गर सहित कई प्रजातियां शामिल हैं। उनका मुख्य उद्देश्य साँपों का जीवन बचाना है और इंसानों को भी इनसे सुरक्षित रखना है। वह साँपों का रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ देता है ताकि हमारा पर्यावरण बचा रहे और साँपों की प्रजाति भी बची रहे। वह गुरु द्वारा दी गई इस सीख से हमेशा समाज सेवा कर साँपों को बचाता रहेगा और लोगों की भी मदद करता रहेगा।

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